NCERT solutions Class 11th jamun ka ped

Top afd

NCERT solutions Class 11th jamun ka ped

NCERT solutions Class 11th: पाठ -8 जामुन का पेड़ आरोह भाग -1

NCERT solutions Class 11th: पाठ -8 जामुन का पेड़ आरोह भाग -1



NCERT solutions Class 11th jamun ka ped : दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको कक्षा ग्यारहवीं के लिए आरोह 1 पाठ -जामुन का पेड़  के महत्वपूर्ण प्रश्न बताने वाले हैं ।साथ में आपको जामुन का पेड़ भाग के सभी प्रश्न हल किए गए हैं ।

जामुन का पेड़

          ( कृशनचंदन )


पाठ के साथ


प्रश्न 1. कृषि विभाग वालों ने मामले को हॉर्टीकल्चर विभाग को सौंपने के पीछे क्या तर्क दिया ?


उत्तर -कृषि -विभाग वालों ने जामुन के पेड़ को काटने का मामला हॉर्टिकल्चर विभाग को सौंपने के पीछे  यह तर्क दिया कि गिनने वाला पेड़ फलदार है। इसका संबंध कृषि से ना होकर उद्यान कृषि से है।


प्रश्न 2 इस पाठ में सरकार के किन किन विभागों की चर्चा की गई है। और पाठ से उनके कार्य के बारे में क्या अंदाजा मिलता है ?


उत्तर -इस पाठ में सरकार के निम्नलिखित विभागों और उनके कार्यों की चर्चा की गई है -

व्यापार विभाग -व्यापार विभाग का काम देश में होने वाले व्यापार से संबंधित है 

एप्रिकल्चर डिपटिमेंट -इसे कृषि विभाग कहते हैं इसका संबंध खेती से है

हॉर्टीकल्चर डिपटिमेंट- ऐसे उद्यान कृषि विभाग कहते हैं इसका संबंध उद्यानों के रख -रखाव से है ।

मेडिकल डिपार्टमेंट - इसे चिकित्सा विभाग कहते हैं इसका संबंध शल्य चिकित्सा दवाई आदि से है ।

कल्चरल डिपार्टमेंट - इसे सांस्कृतिक विभाग कहते हैं इसका संबंध कला और साहित्य के विकास से है

फॉरेस्ट डिपटिमेट - इसे वन विभाग कहते हैं इसका संबंध जंगल के पेड़ों तथा वनस्पतियों से है ।

विदेश विभाग - इसका संबंध विदेशी राज्यों और स्वदेशी के आपसी संबंधों से है ।



प्रश्न 3 . बेचारा जामुन का पेड़ । कितना फलदार था और इसकी जामुनी कितनी रसीले थी ।

(क) ये संवाद कहानी के किस प्रसंग में आए हैं?

(ख) इससे लोगो की कैसी मानसिकता का पता चलता है


उत्तर - (क) सचिवालय के लॉन में लगा जामुन का पेड़ रात को आँधी में गिर गया। उसके नीचे एक आदमी दब गया। सुबह होने पर सचिवालय के माली ने उसे देखा। उसने क्लको को सूचना दी। सभी क्लर्क इकट्टट्ठे हुए। वे जामुन का पेड़ गिरा देखकर उपर्युक्त बातें करने लगे।


(ख) इससे पता चलता है कि लोग संवेदनाशून्य हो चुके हैं। उन्हें मरता हुआ आदमी भी द्रवित नहीं करता। वे इतने स्वार्थी हैं कि मरते हुए आदमी को अनदेखा करके वे अपना हित पूरा करना चाहते हैं। उन्हें जामुन न मिलने की पीड़ा व्यथित करती है। ऐसे लोग लाश पर बैठकर भी रोटियाँ खा सकते हैं।


प्रश्र 4. दबा हुआ आदमी एक कवि है, यह बात कैसे पता चली और इस जानकारी का फाइल की यात्रा पर क्या असर पड़ा? 


उत्तर- दबे हुए आदमी ने पेड़ काटने की कार्यवाही पर देरी होती देखी तो उसने आह भरते हुए गालिब का यह शेर कहा -


ये तो माना कि तगाफुल न करोगे लेकिन 

खाक हो जाएँगे हम तुमको खबर होने तक !


इसे सुनते ही माली ने उससे पूछा कि क्या वह शायर है? उसने स्वीकृति में सिर हिलाया। इस प्रकार पहले माली को पता चला। उसने अन्य क्लकों को बताया। क्लकों ने हैडक्लर्क को बताया। इस प्रकार बात फैलते फैलते सबको पता चल गई। 

इस जानकारी से कवि की फाइल का रुख पलट गया। पहले फाइल एग्रीकल्चर, व्यापार, हॉर्टीकल्चर आदि विभागों में धक्के खाती रही थी। अब यह कल्चरल विभाग में आ गई। परंतु काम फिर भी नहीं हुआ। केवल कागजी कार्यवाही होती रही।


पाठ के आस-पास


प्रश्र 1. यह कहना कहाँ तक युक्तिसंगत है कि इस कहानी में हास्य के साथ-साथ करुणा की भी अंतघांरा है। अपने उत्तर के पक्ष में तर्क दें।


उत्तर - यह कहानी हँसाते-हँसाते रुलाती है। कहानी के आदि से अंत तक करुणा की अंतर्धारा व्याप्त रहती है। कहानी का आरंभ भी करुणाजनक दृश्य से होता है और अंत भी। वास्तव में क्लकों, अधिकारियों और विभागों की एक-एक फूहड़ हरकत उस करुणा को और अधिक गहरा करती है। जब क्लर्क जामुन के रसीले फलों पर चटखारे ले रहे होते हैं, तब पेड़ के नीचे दबा मनुष्य कराह रहा होता है। मनचले नवयुवक पेड़ को बचाने के लिए आदमी को ही काट देने की सलाह देते हैं तो करुणा और हास्य अपने चरम पर होते हैं। इस प्रकार इस कहानी में करुणा और हास्य रस का अद्भुत सम्मिश्रण दिखाई देता है।


प्रश्र 2. यदि आप माली की जगह पर होते, तो हुकूमत के फैसले का इंतजार करते या नहीं? अगर हाँ, तो क्यों? और नहीं, तो क्यों?


उत्तर- यदि मैं माली की जगह होता तो दबे हुए आदमी को बचाने के लिए तुरंत प्रयत्न करता। मैं हुकूमत के आदेश की प्रतीक्षा बिल्कुल न करता में अपने प्रयत्नों से क्लकों को तैयार करता या अन्य लोगों को प्रेरित करता और पेड़ को हटाकर दबे हुए आदमी को बचा लेता।

क्यों मेरी दृष्टि मैं मनुष्य जीवन सबसे मूल्यवान है। अपने अधिकारी के आदेश सामान्य स्थितियों के लिए ठीक हो सकते हैं परंतु किसी की जान बचाने के लिए मैं कोई भी खतरा मोल ले लेता।


प्रश्र 3. कहानी में दो प्रसंग ऐसे हैं, जहाँ लोग पेड़ के नीचे दबे आदमी को निकालने के लिए कटिबद्ध होते हैं। ऐसा कब-कब होता है और लोगों का यह संकल्प दोनों बार किस-किस वजह से भंग होता है।


उत्तर - पहला प्रसंग - पहली बार सचिवालय के क्लकों ने पेड़ को हटाने की कोशिश की। लेकिन तभी सुपरिटेंडेंट दौड़ा-दौड़ा आया। उसने कहा कि वह पेड़ व्यापार विभाग के अंतर्गत न होकर कृषि विभाग के अंतर्गत आता है। अतः वह इस मामले को अर्जेंट बनाकर कृषि विभाग में भेज रहा है।

दूसरा प्रसंग दूसरी बार फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारी पेड़ को काटने के लिए आरी - कुल्हाड़ी लेकर पहुंचे हैं तब विदेशी विभाग का आदेश आता है। कि वे उस पेड़ को नहीं काट सकते कारण यह बताया गया कि वह पेड़ पीटोनिया राज्य के प्रधानमंत्री ने लगाया था। अतः उसे काटने पर दोनों राज्यों के संबंध खराब हो सकते हैं तथा देश को मिलने वाली सहायता बंद हो सकती है





शीर्षक सुझाइए


प्र० 1. कहानी के वैकल्पिक शीर्षक सुझाएँ। निम्नलिखित बिंदुओं को ध्यान में रखकर शीर्षक गढ़े जा सकते हैं -

1. कहानी में बार-बार फाइल का जिक्र आया है और अंत में दबे हुए आदमी के जीवन की फाइल पूर्ण होने की बात कही गई है। 

2. सरकारी दफ्तरों की लंबी और विवेकहीन कार्यप्रणाली की ओर बार-बार इशारा किया गया है।

3. कहानी का मुख्य पात्र उस विवेकहीनता का शिकार हो जाता है।

उत्तर - 1. लो, फाइल पूरी हो गई।

          2. अफसरों के चक्कर

          3. सरकारी पेड़ के तले दबा इनसान।


भाषा की बात


प्रश्न 1. इसकी चर्चा शहर में भी फैल गई और शाम तक गली-गली से शायर जमा होने शुरू हो गए यह एक संयुक्त वाक्य है, जिसमें दो स्वतंत्र वाक्यों को समानाधिकरण समुच्चयबोधक शब्द से जोड़ा गया है। संयुक्त वाक्य को इस प्रकार सरल वाक्य में बदला जा सकता है इसकी चर्चा शहर में फैलते ही शाम तक गली-गली में शायर जमा होने शुरू हो गए। पाठ में से पाँच संयुक्त वाक्यों को चुनिए और उन्हें सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए।


उत्तर -1.माली ने अचंभे से मुँह में उँगली दबा ली और चकित भाव से बोला- माली अचंभे से मुँह में ऊँगली दबाकर चकित भाव से बोला।


2. इतना बड़ा कवि- 'ओस के फूल' का लेखक और हमारी अकादमी का मेंबर नहीं है- 'ओस के फूल का लेखक बड़ा कवि होते हुए भी हमारी अकादमी का मेंबर नहीं है।


3. जामुन का पेड़ चूँकि फलदार पेड़ है, इसलिए यह पेड़ हॉर्टीकल्चर डिपार्टमेंट के अंतर्गत आता है जामुन का पेड़ फलदार पेड़ होने के कारण हॉर्टीकल्चर डिपार्टमेंट के अंतर्गत आता है।


4. आधा आदमी उधर से निकल आएगा और पेड़ वहीं का वहीं रहेगा- आधा आदमी उधर से निकल आने पर पेड़ वहीँ का वहीं रहेगा।


5. कल यह पेड़ काट दिया जाएगा, और तुम इस संकट से छुटकारा हासिल कर लोगे- कल इस पेड़ के कटते ही तुम इस संकट से छुटकारा हासिल कर से लोगे।


प्रश्न 2 . साक्षात्कार अपने आप में एक विधा है। जामुन के पेड के नीचे दबे आदमी के फाइल बंद होने (मृत्यु) के लिए जिम्मेदार किसी एक व्यक्ति का काल्पनिक साक्षात्कार करें और लिखें ।


उत्तर - साक्षातकारकर्ता : क्या आप ही वे सुपरिटेडेट है जिसमे माली और क्लर्को को गिरा हुआ पेड़ हटाने से रोका था ?

सुपरिटेंडेंट : जी हाँ!

सा.क.: आपने ऐसा क्यों किया?

सुपरिटेंडेंट : यह मेरी डटी थी कि मेरे होते कोई गैर-कानूनी काम न हो। सा.क. चाहे आदमी दम तोड़ दे।

सुपरिटेंडेंट : इसमें मैं क्या कर सकता हूँ। मैंने तो उसे नीचे आने के लिए नहीं कहा ?

सा.क. आपका पीड़ित आदमी के प्रति कोई कर्तव्य नहीं बनता ?

सुपरिटेंडेंट : भाई साहब! मुझे अपने बड़े अफसरों को जवाब देना पड़ता है। वरना नौकरी से छुट्टी हो जाती।

सा.क. यह कहाँ लिखा है कि मरते हुए आदमी को छोड़कर आफिसरों और फाइलों के जंगल में खो जाओ। 

सुपरिटेंडेंट : तुम नहीं जानते सचिवालय को यहाँ कितने ही जीवित आदमियों की जानें फाइलों में अटकी रहती हैं। लोगों की मजबूरी तो हमारे लिए धंधा है। उसी का फायदा उठाकर ही तो ये सचिवालय और अफसर फलते-फूलते हैं।

सा.क. : बड़े निर्यज्ज और निर्देयी है आप ।

सुपरिंटेडेट : यहाँ आकर सारे ही ऐसे हो जाते है



प्रश्न 3. नीचे दिए गए अंग्रेजी शब्दों के हिंदी प्रयोग लिखिए अर्जेंट, फॉरेस्ट, डिपार्टमेंट, मैंबर, डिप्टी सेक्रेटरी, चीफ सेक्रेटरी।


उत्तर -      अर्जेंट - अति आवश्यक

               फॉरेस्ट - वन

   .           डिपार्टमेंट - विभाग

               मेंबर - सदस्य

               डिप्टी सेक्रेटरी - उप सचिव

               चीप सेक्रेटरी - मुख्य सचिव


                






10 Post a Comment

और नया पुराने