NCERT solutions Class 11th Chapter-3

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NCERT solutions Class 11th Chapter-3

NCERT Solutions Class 11th: पाठ -3 अपू के साथ ढाई साल

NCERT Solutions Class 11th: पाठ -3 अपू के साथ ढाई साल


     अपू के साथ ढाई साल (सत्यजित राज ) 

           पाठ - 3 


पाठ के साथ


प्रश्न 1. पथेर पांचाली फिल्म की रेटिंग का काम ढाई साल तक क्यों चला?


उत्तर - पथेर पांचाली फिल्म की शूटिंग का काम ढाई साल तक इसलिए चला क्योंकि यह लेखक 'सत्यजीत राय ' की पहली फिल्म थी उस समय लेखक जो की फिल्म निर्देशक थे, एक विज्ञापन कंपनी में काम करते थे, उनके पास समय व धन दोनों का अभाव था कुछेक ऐसी परिस्थितियाँ थी ,जिसके कारण इस फिल्म में में ढाई साल लगे जैसे कि काशफूलों का सप्ताह में समाप्त हो जाना था ,कुत्ते का मर जाना पुनः नए कुत्ते को खोजना, वर्षा का समय समाप्त हो जाना,वर्ष कालीन शार्ट के लिए वर्षा की प्रतीक्षा करना आदि ।


प्रश्न 2. "अगर हम उस जगह बाकी आदेश सीन की शूटिंग करते तो पहले आधे सीन के साथ उसका मेल कैसे बैठता ? उनमे से कंटिन्युइटी नदारद  हो जाती है " - इस कथन के पीछे क्या भाव हैं ? 


उत्तर - सत्यजित रॉय पथरी पांचाली फिल्म की शूटिंग के लिए एक सीन के अंतर्गत अपू व  दुर्गा को पहली बार रेलगाड़ी दिखाने के लिए कोलकाता से सत्तर मिल पालसिट नाम के गांव में गए । 1 दिन में शूटिंग पूरी न हो सकी । सुबह शूटिंग प्रारंभ करने पर शाम तक सीन का आधा भाग चित्रित हुआ बाकी का सीन बाद में चित्रित करने का निर्णय लेकर वे घर चले गए 7 दिन के बाद जब वे शूटिंग के लिए उस जगह पर गए तो वह जगह पहचान ही ना पाए सारे काशफूल 7 दिन में जानवर ने खा डाले थे। अब यदि उस जगह बाकी के आधे सीन शूट करते तो पहले आधे सीन के साथ मेल न बैठता । उस सीन में कटिन्यूइटी बनाए रखने को लिए बाकी अंश की शूटिंग अगले वर्ष शरद् ऋतु में, जब यहाँ

पुनः काशफूल आ गए, की गई।


प्रश्न 3. किन दो दृश्यों में दर्शक यह पहचान नहीं पाते कि उनकी शूटिंग में कोई तरकीब अपनाई गई है?

उत्तर - अपू की माँ अपू को भात खिलाती है, बचा हुआ भात भूलो कुत्ता खाता है। यह सीन चित्रित करते समय सूरज की रोशनी खत्म हो गई व पैसे भी समाप्त हो गए। छह महीने पश्चात् जब पुनः लेखक बोडाल गाँव पहुँचता है तो समाचार मिलता है कि भूलो कुत्ता अब इस दुनिया में नहीं है। भूलो जैसा दिखने वाला एक और कुत्ता ढूँढ़ा गया, उसके द्वारा वह सीन चित्रित किया गया। फिल्म देखते समय यह बात किसी को ध्यान में नहीं आती कि एक ही सीन में हमने 'भूलो' की भूमिका में दो अलग-अलग कुत्तों से काम लिया है।

एक अन्य दृश्य में श्रीनिवास नामक मिठाई वाले की भूमिका भी दो व्यक्तियों को निभानी पड़ी। पहले श्रीनिवास स्वर्ग सिधर गए. उनके स्थिान पर दूसरे श्रीनिवास जैसे दिखने वाले व्यक्ति को मिठाई वाला बनाया गया। पैसों की कमी के कारण बारिश का दृश्य चित्रित करने में भी कठिनाई आई थी। बरसात के दिन आए तो पैसे नहीं थे जब हाथ में पैसे आए तो शरद् ऋतु आ चुकी थी। शरद् ऋतु में बरसात होने पर बरसात का दृश्य चित्रित किया गया। बरसात में भीगने के कारण अपू व दुर्गा मारे ठंड के काँपने लगे, उन्हें शॉट पूरा होने के बाद गरम करने के लिए दूध में थोड़ी ब्रांडी मिलाकर दे दी गई। जिन्होंने 'पथेर पांचाली' फिल्म देखी है, वे जानते ही हैं कि यह शॉट बहुत अच्छा चित्रित हुआ है। 



प्रश्न 4. 'भूलो' की जगह दूसरा कुत्ता क्यों लाया गया? उसने फिल्म के किस दृश्य को पूरा किया?


उतर -'भूलों' की मृत्यु हो जाने के कारण दूसरा कुत्ता लाया गया। अपू की माँ अपू को भात खिलाती है, भात का बचा अंश गमले में डाल देती है इस भात को दूसरा कुत्ता खा कर दृश्य पूर्ण करता है। एक अन्य दृश्य में दूसरे कुत्ते द्वारा अपू व दुर्गा के साथ भागने का (पालतू कुत्ते की भांति) सीन चित्रित किया गया है। 


प्रश्न 5. फिल्म में श्रीनिवास की क्या भूमिका थी और उनसे जुड़े बाकी दृश्यों को उनके गुजर जाने के बाद किस प्रकार फिल्माया गया ? 


उत्तर - फिल्म में श्रीनिवास की भूमिका 'घूमता हुआ मिठाई वाला' के रूप में है। उनके गुजर जाने के पश्चात् एक ऐसे सज्जन मिले, जिसका चेहरा पहले वाले श्री निवास से मिलता-जुलता नहीं था, लेकिन शरीर से वह पहले श्रीनिवास जैसे ही था। फिल्म में दिखाई देता है कि एक नम्बर श्रीनिवास बॉस बन से बाहर आता है और अगले शॉट में दो नम्बर श्रीनिवास कैमरे की ओर पीठ करके मुखर्जी के घर के गेट के अन्दर जाता है। फिल्म देखते समय श्रीनिवास के मामले में यह बात किसी के ध्यान में नहीं आई।



प्रश्न 6. बारिश का दृश्य चित्रित करने में क्या मुश्किल आई और उसका समाधान किस प्रकार हुआ?


उत्तर -बरसात का दृश्य चित्रित करने में मुश्किल यह हुई कि बरसात के दिन आए और गए. लेकिन राय साहब के पास पैसे नहीं थे, शूटिंग बंद थी। जब पैसे हाथ में आए तो शरद् ऋतु प्रारंभ हो चुकी थी, परंतु आशा थी कि शायद शरद् ऋतु में भी बरसात हो जाए एक दिन आसमान में बादल छा गए और धुआँधार बारिश शुरू हो गई। उसी बारिश में अपू व दुर्गा के शॉट्स लिए गये, परन्तु मारे ठण्ड के अपू व दुर्गा सिहर रहे थे, उन्हें दूध में ब्रांडी देकर उनका शरीर गर्म किया गया। पथेर पांचाली फिल्म देखने वाले जानते हैं कि यह शॉट बहुत अच्छा चित्रित हुआ है।


प्रश्न 7. किसी फिल्म की शूटिंग करते समय फ़िल्मकार को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उन्हें सूचीबद्ध कीजिए।


उत्तर - 1.धन की समस्या

          2. समय का अभा

          3. कलाकार ढूँढ़ने की समस्या

          4. स्थान निर्धारित करना

          5. साधनों की समस्या

          6. वातावरण की समस्या

          7. पात्रों के अस्वस्थ होने की समस्या

          8. रहने के स्थान के पड़ोसियों का स्वभाव


आदि अनेक ऐसी समस्यायें हैं जिनका फिल्म की शूटिंग करते समय फिल्मकार को सामना करना पड़ता है।


पाठ के आप-पास


प्रश्न 1. तीन प्रसंगों में राय ने कुछ इस तरह की टिप्पणियाँ की हैं कि दर्शक पहचान नहीं पाते कि… या फिल्म देखते हुए इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया कि …..इत्यादि। ये प्रसंग कौन से हैं, चर्चा करें और इस पर भी विचार करें कि शूटिंग के समय की असलियत फिल्म को देखते समय कैसे छिप जाती है।

उत्तर- ये तीन प्रसंग हैं -


1. कुत्ते के मरने के पश्चात् कुत्ते की भूमिका दूसरे कुत्ते द्वारा निभाना।

2. श्रीनिवास मिठाई वाले की मृत्यु के पश्चात् दूसरे व्यक्ति द्वारा श्रीनिवास की भूमिका निभाना।

3. शरद् ऋतु में वर्षा के सीन का चित्रण इस प्रकार ये ऐसे प्रसंग हैं, फिर भी कला की विचित्रता के कारण फिल्म देखने वालों को असलियत का पता ही नहीं चलता। नए मिले कलाकारों ; जैसे कुत्ता वा श्रीनिवास केशॉट्स इतनी दक्षता के लिए गए हैं कि फिल्म देखने वालों के असलियत छुपी रहती है फिल्म देखने वालों से असलियत इसलिए भी छिप जाती है क्योंकि हर फिल्म देखने वाला निर्माता नहीं होता उसमें यह शक्ति ही नहीं होती कि इस तरह की त्रुटि को ढूंढ पाये ।


प्रश्न 2 . मान लीजिए कि आपको अपने विद्यालय पर एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म बनानी है। इस तरह की फ़िल्म में आप किस तरह के दृश्यों को चित्रित करेंगे? फ़िल्म बनाने से पहले और बनाते समय किन बातों पर ध्यान देंगे?


उत्तर - विद्यालय पर डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म बनाने के लिए हमें अपने प्रधानचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी आदि की दिन भर की गतिविधियों के दृश्यों को चित्रित करेंगे। उन लोगों से कई सवाल जैसे- शिक्षा का महत्व, पसंदीदा विषय के बारे में पूछेंगे और उन्हें चित्रित करेंगे।

फ़िल्म बनाते समय हमें वास्तविकता और निरंतरता बरकरार रखने होगी। हमें दृश्यों को इस तरह से पेश करना होगा ताकि वे काल्पनिक ना लगे।


प्रश्र 3. पथेर पांचाली फिल्म में इंदिरा ठाकरून की भूमिका निभाने वाली अस्सी साल की चुन्नीबाला देवी ढाई साल तक काम कर सकीं। यदि आधी फ़िल्म बनने के बाद चुन्नीबाला देवी की अचानक मृत्यु हो जाती तो सत्यजित राय क्या करते? चर्चा करें।


उत्तर- यदि आधी फिल्म बनाने के बाद चुन्नीवाला देवी की अचानक मृत्यु हो जाती तो सत्यजित राय अन्य कलाकारों (श्रीनिवास मिठाईवाले कुत्ते) की भांति एक अन्य चुन्नीबाला देवी जैसी दिखने वाली स्त्री का चयन करके अपनी फिल्म पूरी करते सत्यजित राय कार्यकुशल, दक्ष व धैर्य रखने वाले कला में निपुण फिल्मकार रहे हैं, वे किसी भी कार्य को सूझबूझ से करने में निपुण थे। वे अपनी फिल्म के प्रत्येक दृश्य को बहुत सावधनी से पूरा करते थे। 


प्रश्र 4. पठित पाठ के आधार पर यह कह पाना कहाँ तक उचित है कि फिल्म को सत्यजित राय एक कला माध्यम के रूप में देखते हैं, व्यावसायिक माध्यम के रूप में नहीं ?


उत्तर- यदि सत्यजित राय एक व्यावसायिक माध्यम से फिल्म को देखते तो फिल्म के प्रारंभ में ही वे अर्थाभाव से न जूझते, न ही इतनी मुसीबतो को झेलते; जैसे शरद् ऋतु में वर्षा का दृश्य पस्तुत करना, बॉलीवुड का प्रशिक्षित कुत्ता न ले पाना, कितनी बार आधे सीन की ही शूटिंग करना आदि आदि। सत्यजित राय के लिए प्रसिद्ध है कि वे कला के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुके है। इतनी साधनहीनता के बीच में भी वे अपनी कलादृष्टि को साकार करने का हरसंभव संघर्ष करते हैं। अतः हम कह सकते हैं कि सत्यजित राय फिल्म को एक कला माध्यम के रूप में देखने हैं न कि व्यावसायिक माध्यम के रूप में।


भाषा की बात


प्रश्न 1.हर क्षेत्र में कार्य करने या व्यवहार करने की अपनी निजी या विशिष्ट प्रकार की शब्दावाली होती है।जैसे अपनों के साथ भाई साहब पाठ में फिल्म से जुड़े शब्द शूटिंग शॉर्ट सीन आदि फिल्म से जुड़ी शब्दावली में से किन्ही 10 की सूची बनाइए


उत्तर -   कंपनी  , एवेन्यू , बिल्डिंग , इंटरव्यू लाइन , इंटिन्युइटी ,ट्रेन टाइम , टेबल , टीम ,बॉयलर '


प्रश्न 2 .नीचे दिए गए शब्दों के पर्याय इस पाठ में ढूंढिए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए 

इश्तहार , खुशकिसमत , सीन , वृष्टि , जमा


उत्तर - 1 . इश्तहार - विज्ञापन

आज बाजार में बहुत से विज्ञापन लगे है ।

2 .खुशकिस्मती - सौभाग्य अच्छी नौकरी मिलना मेरा सौभाग्य है

3 .सीन -दृश्य 'पथेर पांचाली ' का प्रत्येक दृश्य 

देखने योग्य है

4. वृष्टि - वर्षा महती वर्षा के कारण मै आपके घर नहीं आ पाया ।

5 . जमा - संचित 

अधिक धन संचित नही करना चाहिए। 

                









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