UP DELED 2nd Semester 2025 Full Paper Solve | प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास Notes + Answers
प्रश्न 16–40 (विस्तृत उत्तर)
16. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) की स्थापना किस शिक्षा नीति के अंतर्गत हुई?
उत्तर: DIET की स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के अंतर्गत की गई। इसका उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना तथा शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करना है। DIET स्थानीय स्तर पर शैक्षिक योजनाओं को लागू करने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा शिक्षकों के व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
17. हंसा मेहता समिति (1962) के प्रमुख सुझाव लिखिए।
उत्तर: इस समिति ने महिला शिक्षा के विकास पर बल दिया। इसके प्रमुख सुझाव थे—
1. बालिकाओं को समान शिक्षा अवसर दिए जाएँ।
2. लिंग भेद समाप्त किया जाए।
3. पाठ्यक्रम को जीवनोपयोगी बनाया जाए।
4. महिला शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाए।
निष्कर्ष: यह समिति महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण रही।
18. स्कूल रेडीनेस प्रोग्राम क्या है?
उत्तर: स्कूल रेडीनेस प्रोग्राम वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से बच्चों को विद्यालय में प्रवेश से पूर्व मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक रूप से तैयार किया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करना तथा उन्हें विद्यालय के वातावरण से परिचित कराना है।
19. P-MOST एवं NPEGEL का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: P-MOST – Primary and Middle Level Operational Support Team
NPEGEL – National Programme for Education of Girls at Elementary Level
यह कार्यक्रम बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चलाया गया।
20. NCF 2005 के अनुसार आदर्श शिक्षक के गुण लिखिए।
उत्तर: NCF 2005 के अनुसार आदर्श शिक्षक—
1. छात्र-केंद्रित शिक्षण अपनाता है।
2. मार्गदर्शक (Facilitator) की भूमिका निभाता है।
3. सृजनात्मक एवं नवाचारी होता है।
4. सभी छात्रों के प्रति समान व्यवहार करता है।
5. निरंतर सीखने वाला होता है।
21. ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) की भूमिका क्या है?
उत्तर: BRC का मुख्य कार्य प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। यह शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करता है, नई शिक्षण विधियों का प्रसार करता है तथा विद्यालयों की निगरानी करता है।
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22. ECCE का पूरा नाम एवं उद्देश्य लिखिए।
उत्तर: ECCE का पूरा नाम Early Childhood Care and Education है। इसका उद्देश्य 0–6 वर्ष के बच्चों का समग्र विकास करना तथा उन्हें विद्यालय के लिए तैयार करना है।
23. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में प्राथमिक शिक्षा का अर्थ क्या है?
उत्तर: RTE Act 2009 के अनुसार प्राथमिक शिक्षा का अर्थ कक्षा 1 से 8 तक की निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा है, जो 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए लागू है।
24. हिंदी भाषा के विकास से संबंधित अनुच्छेद कौन सा है?
उत्तर: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 351 हिंदी भाषा के विकास से संबंधित है, जिसमें इसके प्रसार और समृद्धि पर बल दिया गया है।
25. “स्कूल चलो अभियान” कब प्रारंभ हुआ?
उत्तर: यह अभियान 2001 में प्रारंभ हुआ, जिसका उद्देश्य सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करना था।
26. सर्व शिक्षा अभियान की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: सर्व शिक्षा अभियान का उद्देश्य सभी बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना है। इसकी विशेषताएँ हैं—
1. सार्वभौमिक नामांकन
2. गुणवत्ता सुधार
3. सामाजिक समानता
27. राधाकृष्णन आयोग (1948-49) के बारे में लिखिए।
उत्तर: यह आयोग विश्वविद्यालय शिक्षा से संबंधित था। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, शोध को बढ़ावा देना तथा शिक्षा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना था।
28. मिशनरी स्कूल की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: मिशनरी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम, अनुशासन, नैतिक शिक्षा तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
29. DPEP परियोजना का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: DPEP (District Primary Education Programme) का उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा का विस्तार करना, गुणवत्ता सुधारना तथा ड्रॉपआउट दर कम करना है।
30. शिक्षा का अधिकार अधिनियम कब पारित हुआ?
उत्तर: यह अधिनियम 2009 में पारित हुआ, जिससे 6–14 वर्ष के बच्चों के लिए शिक्षा अनिवार्य हो गई।
प्रश्न 31–40 (10 अंक के विस्तृत उत्तर)
31. प्रारम्भिक शिक्षा की प्रमुख समस्याओं का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर:
प्रारम्भिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आधारशिला होती है, परंतु भारत में यह अनेक समस्याओं से ग्रस्त है।
मुख्य समस्याएँ:
1. भौतिक संसाधनों का अभाव: अनेक विद्यालयों में भवन, शौचालय, पेयजल आदि की कमी है।
2. शिक्षकों की कमी: प्रशिक्षित एवं पर्याप्त शिक्षकों का अभाव पाया जाता है।
3. ड्रॉपआउट दर: गरीबी, बाल श्रम एवं सामाजिक कारणों से विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ देते हैं।
4. गुणवत्ता की कमी: शिक्षण विधियाँ प्रभावी नहीं हैं।
5. सामाजिक असमानता: लिंग भेद एवं आर्थिक विषमता शिक्षा में बाधा हैं।
निष्कर्ष: इन समस्याओं के समाधान हेतु सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
32. कोठारी आयोग (1964-66) के पंचमुखी कार्यक्रम का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
कोठारी आयोग ने शिक्षा सुधार हेतु पाँच प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तुत किए—
1. समान अवसर: सभी वर्गों को समान शिक्षा उपलब्ध हो।
2. सार्वजनिकीकरण: प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुँचाई जाए।
3. व्यावसायिक शिक्षा: शिक्षा को रोजगार से जोड़ा जाए।
4. विज्ञान एवं तकनीकी विकास: आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा।
5. राष्ट्रीय एकता: शिक्षा के माध्यम से देशभक्ति का विकास।
निष्कर्ष: यह कार्यक्रम शिक्षा को राष्ट्रीय विकास का प्रमुख साधन बनाता है।
33. ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड (1987) का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर:
यह योजना प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु प्रारंभ की गई थी।
उद्देश्य: विद्यालयों में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना।
विशेषताएँ:
1. प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो कक्ष एवं दो शिक्षक।
2. ब्लैकबोर्ड, फर्नीचर एवं शिक्षण सामग्री की व्यवस्था।
3. शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाना।
4. बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना।
निष्कर्ष: इस योजना ने प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
34. राधाकृष्णन आयोग की प्रमुख विशेषताओं का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राधाकृष्णन आयोग (1948-49) विश्वविद्यालय शिक्षा से संबंधित था।
मुख्य विशेषताएँ:
1. उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार।
2. नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर बल।
3. अनुसंधान एवं शोध कार्य को प्रोत्साहन।
4. शिक्षक की स्थिति एवं वेतन में सुधार।
5. शिक्षा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना।
निष्कर्ष: इस आयोग ने भारतीय उच्च शिक्षा को नई दिशा प्रदान की।
35. शिक्षा के क्षेत्र में प्राच्य-पाश्चात्य विवाद का विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर:
यह विवाद ब्रिटिश काल में उत्पन्न हुआ, जिसमें शिक्षा के स्वरूप को लेकर मतभेद था।
प्राच्य मत: भारतीय भाषाओं एवं पारंपरिक ज्ञान का समर्थन।
पाश्चात्य मत: अंग्रेजी भाषा एवं आधुनिक विज्ञान का समर्थन।
अंततः अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली को अपनाया गया।
निष्कर्ष: इस विवाद ने भारतीय शिक्षा की दिशा को स्थायी रूप से प्रभावित किया।
36. भारतीय शिक्षा में लॉर्ड कर्जन के योगदान का विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर:
लॉर्ड कर्जन (1899–1905) ने शिक्षा में अनेक सुधार किए—
1. 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम लागू किया।
2. शिक्षा में सरकारी नियंत्रण को सुदृढ़ किया।
3. शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने का प्रयास किया।
4. अनुसंधान को प्रोत्साहित किया।
निष्कर्ष: उनके सुधार उपयोगी थे, परंतु आलोचना भी हुई।
37. NCFTE 2009 की आवश्यकता एवं महत्व का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आवश्यकता:
शिक्षक शिक्षा को आधुनिक एवं प्रभावी बनाने के लिए इसकी आवश्यकता अनुभव की गई।
महत्व:
1. शिक्षक को facilitator के रूप में स्थापित करना।
2. बाल-केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा देना।
3. अनुभवात्मक अधिगम पर बल।
4. आलोचनात्मक चिंतन का विकास।
निष्कर्ष: यह ढांचा शिक्षक शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाता है।
38. राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर:
इस परियोजना का उद्देश्य बाल श्रम का उन्मूलन एवं बाल श्रमिकों का पुनर्वास करना है।
मुख्य बिंदु:
1. बाल श्रमिकों को शिक्षा से जोड़ना।
2. विशेष विद्यालयों की स्थापना।
3. भोजन एवं आर्थिक सहायता प्रदान करना।
4. समाज में जागरूकता उत्पन्न करना।
निष्कर्ष: यह योजना बच्चों को मुख्यधारा में लाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
39. विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के गठन एवं कार्यों का विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गठन:
SMC में अभिभावक, शिक्षक एवं स्थानीय प्रतिनिधि शामिल होते हैं, जिनमें 75% सदस्य अभिभावक होते हैं।
कार्य:
1. विद्यालय की निगरानी।
2. नामांकन एवं उपस्थिति बढ़ाना।
3. शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना।
4. विद्यालय विकास योजना बनाना।
निष्कर्ष: यह समिति शिक्षा में जनभागीदारी को सुनिश्चित करती है।
40. सर्व शिक्षा अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु चलाए जा रहे कार्यक्रमों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर:
1. मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal)।
2. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV)।
3. NPEGEL (बालिका शिक्षा)।
4. शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम।
5. ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड।
निष्कर्ष: इन कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा को सर्वसुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाया जा रहा है।
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