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Aadhunik Shiksha mein prakritivad ka yogdan|Up Deled 2nd sem

प्रश्न: आधुनिक शिक्षा में प्रकृतिवाद का योगदान बताइए। 

उत्तर:



आधुनिक शिक्षा में प्रकृतिवाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं—
  1. शिक्षा को बालक-केंद्रित बनाया गया।
  2. बच्चों को स्वतंत्र चिंतन और अभिव्यक्ति की आज़ादी मिली।
  3. अनुभव द्वारा सीखने (Learning by doing) पर जोर दिया गया।
  4. खेल एवं क्रियात्मक विधियों को शिक्षा में शामिल किया गया।
  5. इंद्रिय प्रशिक्षण (देखना, सुनना, छूना) को महत्व दिया गया।
  6. शिक्षा को मनोवैज्ञानिक और लोकतांत्रिक बनाया गया।
  7. रटने की बजाय समझ और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर दिया गया।

प्रश्न: आधुनिक शिक्षा में प्रकृतिवाद के योगदान की चर्चा कीजिए। 

उत्तर:
भूमिका (Introduction):
प्रकृतिवाद एक ऐसी शिक्षा-दर्शन है जो प्रकृति के अनुसार शिक्षा देने पर बल देता है। यह बालक की स्वतंत्रता, अनुभव और प्राकृतिक विकास को महत्व देता है। आधुनिक शिक्षा में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

प्रकृतिवाद के प्रमुख योगदान:
बालक-केंद्रित शिक्षा:
शिक्षा को बालक की रुचि, क्षमता और आवश्यकता के अनुसार बनाया गया।

स्वतंत्र चिंतन:
बच्चों को स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी बात रखने की आज़ादी मिली।

अनुभव द्वारा शिक्षा:
“करके सीखना” (Learning by doing) को महत्व दिया गया।

क्रियात्मक एवं खेल विधि
:

शिक्षा में खेल और गतिविधियों को शामिल किया गया, जिससे सीखना रोचक बना।
इंद्रिय प्रशिक्षण:
देखना, सुनना, छूना आदि इंद्रियों के माध्यम से सीखने पर जोर दिया गया।
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण:
शिक्षा को बच्चों की मानसिक स्थिति के अनुसार बनाया गया।
लोकतांत्रिक शिक्षा:
सभी को समान अवसर देने पर बल दिया गया।
अनुभव को महत्व:
रटने की बजाय समझ और अनुभव पर जोर दिया गया।
व्यावहारिक ज्ञान:
जीवन में काम आने वाले ज्ञान को महत्व दिया गया।
नई शिक्षण विधियाँ:
अनेक नई teaching methods का विकास हुआ।


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