कोलराउश नियम क्या है इसके प्रमुख अनुप्रयोग लिखिए। colrus law's in Hindi

प्रश्न 01:- कोलराउश नियम क्या है | कोलरॉउस नियम प्रमुख अनुप्रयोग लिखिए । Colros law's in Hindi Class 12 chemistry pdf

अथवा
कोलरॉश नियम के अनुप्रयोग उदाहरण सहित लिखिए ।
प्रश्न 01:- कोलराउश नियम क्या है | कोलरॉउस नियम प्रमुख अनुप्रयोग लिखिए । अथवा कोलरॉश नियम के अनुप्रयोग उदाहरण सहित लिखिए ।


उत्तर - कोलराॅश के अनुसार “अनंत तनुता पर जब समस्त विद्युत अपघट्य पूर्णतः आयनित हो जाता है। तब विद्युत अपघट्य की मोलर चालकता का मान उसमें उपस्थित धनायनो और ऋणायनो की अनंत तनुता पर आयनित चालकताओं के योग के बराबर होता है। ”


Λ∞m = xλ∞c + yλ∞c 

Λ∞m = अनंत तनुता पर मोलर चालकता

λ∞c = धनायन की चालकता

λ∞a  = ऋणायन की चालकता 

x और y = धनायन और ऋण आयन की संख्या 


अनुप्रयोग :- 

1. दुर्बल विद्युत अपघट्यों की अनंत तनुता पर मोलर चालकता ज्ञात करने में - दुर्बल विद्युत अपघट्यों की अनंत तनुता पर मोलर चालकताओं का मान प्रायोगिक विधियों से ज्ञात नहीं किया जा सकता क्योंकि इनका पूर्णता: वियोजन नहीं होता अतः इस का मान ज्ञात करने के लिए कोलराॅश नियम का उपयोग किया जाता है (जैसे:- CH3CooH कि अनंत तनुता पर मोलर चालकता प्रबल विद्युत अपघट्यों जैसे CH3CooNa . Hcl  और Nacl की अनंत तनुता पर मोलर चालकताओं के माध्यम से ज्ञात की जा सकती है

Λ∞m(CH3CooH) = λ∞CH3Coo-+ λ∞H

          = λ∞CH3CooNa +λ∞Hcl -. Λ∞mNacl

= λ∞CH3Coo +  λ∞Na+ + λ∞H+ + λ∞Cl- - λ∞Na++ λ∞Cl-

= λ∞CH3Coo- + λ∞H+


2. वियोजन की मात्रा ज्ञात करने में :- कॉलरॉश नियम की सहायता से दुर्बल विद्युत अपघट्यो के वियोजन की मात्रा ज्ञात की जा सकती है स्थिर ताप पर किसी दुर्बल विद्युत अपघटन के आयोजन की मात्रा

          α = Λcm/Λ∞m


         α = Λcm/Λ∞c + Λ∞Cl

जहां - 

Λ∞c = धनायन की अनंत तनुता पर आयनिक चालकता

Λcm = ज्ञात तनुता पर मोलर चालकता

Λ = अनंत तनुता पर मोलर चालकता का Λcm निर्धारण मोलर चालकता के निर्धारण से जबकि Λ∞m का निर्धारण कॉलरॉश नियम की सहायता से करके वियोजन की मात्रा ज्ञात कर ली जाती है।

Λ∞a = ऋणायन की अनंत तनुता पर आयनिक चालकता

3. अल्प विलेय लवण की बिलेता ज्ञात करने में

 4. जल का आयनिक गुणनफल ज्ञात करने में

 5. दुर्बल विद्युत अपघट्यों का वियोजन स्थिरांक  ज्ञात करने में


प्रश्न 02:- CH3CooH के लिए Λ∞m ज्ञात कीजिए जबकि दिया गया है।

Λ∞mHcl = 426 , Λ∞mNacl = 126.5

Λ∞m(CH3CooH) = 91 Ω-¹ cm² mol-¹

उत्तर -  कॉलरॉश के नियमानुसार 

Λ∞m(CH3CooH) = Λ∞CH3CooH- + Λ∞H+


चूंकि CH3CooH एक दुर्बल विद्युत अपघट्य है इसकी मोलर चालकता प्रबल विद्युत अपघट्य CH3CooNa,Hcl,Nacl की चालकताओं के माध्यम से ज्ञात की जा सकती है 


Λ∞m(CH3CooH) = Λ∞m(CH3CooH) + Λ∞m(HCl) - Λ∞m(NaCl)

 = 91 + 426 - 126.5

 = 517 - 126.5. 

 = 390.5 Ω-¹ cm² mol-¹


प्रश्न 03:- दिए गए आंकड़ों की सहायता से Λ∞m(NH4oH) ज्ञात कीजिए जबकि Λ∞m(NH4Cl) = 129.0 , Λ∞m(NaoH) = 248.0 , Λ∞m(NaCl) = 126.0 s cm² mol-¹

उत्तर - 

कोलराॅश नियम से हम जानते हैं

Λ∞m(NH4oH) = Λ∞NH+4 + Λ∞oH-


चूंकि NH4oH एक दुर्बल विद्युत अपघट्य है इसकी मोलर  चालकता प्रबल विद्युत अपघट्यों NH4cl,NaoH ,Nacl की चालकताओं के माध्यम से ज्ञात की जा सकती है 

Λ∞m(NH4oH) = Λ∞m (NH4cl) + Λ∞m(NaoH) - Λ∞m(Nacl)

      = 129 + 248 - 126

      = 377 - 126

      = 251 s cm² mol-¹

प्रश्न 04:- यदि Λ∞Al³+ = 189 ,Λ∞So4²-= 160 Ω-¹ cm² mol-¹ हो तो Al2(So4)3 की ∞ तनुता पर आणविक चालकता ज्ञात कीजिए


उत्तर - कोलराॅश के नियम से हम   जानते हैं

Λ∞m = xλ∞c + yλ∞a 

Al2(so4)3 का आयनन निम्नानुसार होता है

Al2(So4)3 → 2Al3+ + 3So42-

दिया गया है - 

X = 2 , Y = 3 , λ∞c = 189 , λ∞a = 160 

सूत्र में मान रखने पर- 

Λ∞m Al2(so4)3 = xλ∞Al3++ 

yλ∞So42- 

 = 2×189 + 3×160

  = 378 + 480 

  = 858 160 Ω-¹ cm² mol-¹




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