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क्वांटम सिद्धांत से रमन प्रभाव की व्याख्या । रमन प्रभाव के क्वाण्टम सिद्धांत की व्याख्या कीजिए ।

क्वांटम सिद्धांत से रमन प्रभाव की व्याख्या । रमन प्रभाव के क्वाण्टम सिद्धांत की व्याख्या कीजिए ।  

क्वांटम सिद्धांत से रमन प्रभाव की व्याख्या,रमन प्रभाव के क्वाण्टम सिद्धांत की व्याख्या कीजिए, रमन प्रभाव क्या है?

दोस्तों यदि आप गूगल पर सर्च कर रहे हैं कि रमन प्रभाव क्या है ? क्वांटम सिद्धांत से रमन प्रभाव की व्याख्या करे? रमन प्रभाव के क्वांटम सिद्धांत की व्याख्या कीजिए? और स्टोक्स तथा प्रतिस्टोक्स रेखाओ की विवेचना कीजिए . तो इस आर्टिकल में आपको संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी । दोस्तों आपको बता दें कि यहां पर आपको बिल्कुल सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी यदि आप BSC 1st year, BSC 2nd year या BSC 3rd year के  स्टूडेंट्स है तो यह आपके लिए यह बहुत ही मददगार आर्टिकल होने वाला है क्योंकि यह प्रश्न आप के पेपर में हर साल पूछा जाता है इसलिए इस प्रश्न को आप जल्दी से याद कर लें और यहां पर आपको सभी महत्वपूर्ण प्रश्न ही उपलब्ध कराए जाते हैं तो चलिए देखते हैं क्या है - 

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रमन प्रभाव क्या है? 

प्रश्न . रमन प्रभाव के क्वांटम सिद्धांत की व्याख्या कीजिए [ जीवाजी 2005,2007]
अथवा
रमन प्रभाव क्या है ?स्टोक्स तथा प्रतिस्टोक्स रेखाओ की विवेचना कीजिए [ सागर 2005]
उत्तर : 

जब एक वर्णी प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरती है तब प्रकाश का प्रकीर्णन होता है। प्रकीर्णित प्रकाश में आपतित विकिरणों के समान आवर्ती वाली विकिरण के अलावा उच्च तथा निम्न आवर्ती वाली विकिरण प्राप्त होती है। 
रमन प्रभाव के क्वांटम सिद्धांत की व्याख्या कीजिए,रमन प्रभाव क्या है ?स्टोक्स तथा प्रतिस्टोक्स रेखाओ की विवेचना कीजिए

टिण्डल प्रकीर्णन में प्रकीर्णित प्रकाश की आवृत्ति वही होती है जो आपतित प्रकाश की होती है। इस प्रकीर्णन में फोटोन वा अणु में टक्कर प्रत्यास्थ होती है। प्रत्यास्थ टक्कर में अणु तथा फोटोन के बीच ऊर्जा का आदान-प्रदान नहीं होता है। फोटोन बिना किसी परिवर्तन के प्रकीर्णित हो जाता है। रमन प्रकीर्णन में प्रकीर्णित प्रकाश की आवृत्ति आपतित प्रकाश की आवृत्ति से भिन्न  होती है। यदि प्रकीर्णित प्रकाश की आवृति आपतित प्रकाश की आवृत्ति से कम होती है तो स्टोक्स रेखा मिलती है। यदि प्रकीर्णित प्रकाश की आवृत्ति आपतित प्रकाश की आवृत्ति से अधिक रहती है, तो प्रति स्टोक्स रेखा मिलती है । 

स्टोक्स तथा प्रतिस्टोक्स रेखाओ की विवेचना कीजिए :

प्रश्न. स्टोक तथा एन्टीस्टोक्स लाइनों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये। [ रीवा 2001] 
उत्तर- 
रमन ने अपने प्रयोग में एक गोल पेंदे के फ्लास्क में शुद्ध बैंजीन भर कर उसे भरकरी आर्क से प्राप्त 4358A° वाली किरण से प्रकाशित किया। प्रकीर्णित प्रकाश का अवलोकन एक स्पेक्ट्रोस्कोप द्वारा आपतित प्रकाश की लम्ब रूप दिशा में किया। प्रकीर्णित प्रकाश में मुख्य रेखा के दोनों और कई नई रेखायें प्राप्त हुई।
कम आवृत्ति वाली रेखाओं की सघनता एवं तीव्रता अधिक आवृत्ति वाली रेखाओं की अपेक्षा अधिक पाई गई। ये रेखायें मुख्य रेखा के दोनों और सममित रूप से स्थित थीं। इस प्रकार प्राप्त स्पेक्ट्रम रमन स्पेक्ट्रम कहलाता है तथा रेखायें 'रमन रेखायें' कहलाती है। कम आवृत्ति वाली रेखाओं को स्टोक्स रेखायें (stokes lines) तथा अधिक आवृत्ति वाली रेखाओं को एण्टी स्टोक्स रेखायें (Anti-stokes lines) कहते हैं।





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