dispaly

Bhasha aur boli mein antar-SkTeach

भाषा और बोली में अंतर लिखिए |Bhasha aur boli mein antar likhiye pdf



इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं Bhasha aur boli mein antar बिल्कुल आसान भाषा मेंआपको किस तरीके से Bhasha aur boli mein antar  लिखना है ।बिल्कुल सरल भाषा में बताएंगे ।Bhasha aur boli mein kya antar hai

Bhasha aur boli mein antar spasht karo

अक्सर विद्यार्थियों से पूछा जाता है— भाषा और बोली में अंतर लिखिए, भाषा और बोली में अंतर बताइए, भाषा और बोली में अंतर स्पष्ट कीजिए या भाषा और बोली में क्या अंतर है। इन सभी प्रश्नों का उत्तर एक ही रूप में दिया जा सकता है।

भाषा और बोली दोनों ही मानव संप्रेषण के साधन हैं, लेकिन इनके प्रयोग और क्षेत्र में अंतर होता है। भाषा का क्षेत्र विस्तृत होता है तथा इसके माध्यम से शिक्षा दी जाती है, साहित्य की रचना होती है और राजकीय कार्य किए जाते हैं। भाषा में व्याकरण और साहित्य की समृद्ध परंपरा पाई जाती है। हिंदी, अंग्रेज़ी और उर्दू भाषा के प्रमुख उदाहरण हैं।

इसके विपरीत, बोली भाषा का स्थानीय रूप होती है। बोली का क्षेत्र सीमित होता है और इसका प्रयोग मुख्य रूप से बोलचाल में किया जाता है। बोली में साहित्य का अभाव होता है और इसके माध्यम से औपचारिक शिक्षा नहीं दी जा सकती। हरियाणवी, भोजपुरी, अवधी आदि बोलियों के उदाहरण हैं।

इस प्रकार भाषा और बोली में अंतर उनके क्षेत्र, प्रयोग और स्वरूप के आधार पर स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है


प्रश्न -भाषा और बोली में अंतर

भाषा

  1. भाषा का क्षेत्र विस्तृत होता है।
  2. भाषा में साहित्य प्रचुर मात्रा में होता है।
  3. भाषा का उपयोग राजकार्य में होता है।
  4. भाषा के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा सकती है।
  5. भाषा में कई बोलियाँ हो सकती हैं।

उदाहरण — हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू, मराठी, तेलुगु आदि।

✍️ बोली

  1. बोली का क्षेत्र सीमित होता है।
  2. बोली में साहित्य का अभाव होता है।
  3. बोली का उपयोग बोलचाल में होता है।
  4. बोली के माध्यम से शिक्षा प्रदान नहीं की जा सकती।
  5. बोली में भाषा समाहित नहीं हो सकती है।

उदाहरण — हरियाणवी, खड़ी बोली, भोजपुरी, मैथिली, अवधी आदि।

Post a Comment

आपकी राय जरूर बताएं

और नया पुराने

in feeds add

Hot post