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चक्रवात का नाम कैसे रखा जाता है

चक्रवात का नाम कैसे रखा जाता है


चक्रवातों के नाम रखने की परंपरा की शुरुआत अटलांटिक क्षेत्र में वर्ष 1953 में एक संधि के माध्यम से हुई थी।ऑस्ट्रेलिया में पहली चक्रवातों का नाम भ्रष्ट नेताओं के नाम पर और अमेरिका में महिलाओं जैसे कैटरीना इरमां के नाम पर रखे जाते थे ।

हिंद महासागर क्षेत्र के 8 देशों ने भारत की पहल पर वर्ष 2004 से चक्रवाती तूफानों का नाम देने की व्यवस्था शुरू की थी। इन देशों में भारत बांग्लादेश पाकिस्तान में हमार माल दीप श्रीलंका ओमान और थाईलैंड शामिल है।अंग्रेजी वर्णमाला के अनुसार सदस्य देशों के नाम के पहले अक्षर के अनुसार उनका क्रम तय किया गया।
और उसी क्रम में इनकी ओर से सुझाए गए नामों के अनुसार चक्र वादों के नाम होते हैं। अभी हाल में ही बंगाल की खाड़ी में आया चक्रवाती तूफान 'फणि'आया था जिसका नाम बांग्लादेश ने रखा था

मई दिवस के बारे में बताइए


मई दिवस को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस भी कहा जाता है। मई दिवस मनाने की शुरुआत 1 मई 18 86 से हुई,जब अमेरिका की मजदूर यूनियनों ने काम का समय 8 घंटे से ज्यादा ना रखे जाने के लिए हड़ताल की थी। इस हड़ताल के दौरान शिकागो में बम धमाका भी हुआ था। इस दौरान पुलिस ने गोली भी चला दी थी, जिसमें 7 मजदूर मारे गए थे।अंकिता कुछ समय के बाद अमेरिका में 8 घंटे काम करने का समय निश्चित कर दिया गया,जिसे धीरे-धीरे अन्य देशों में भी लागू किया गया।

भारत में मई दिवस सबसे पहले चेन्नई में 1 मई 1923 को मनाना शुरू किया।इसकी शुरुआत भारतीय मजदूर किसान पार्टी के नेता कामरेड सिंगारावेलु चेट्टियार ने शुरू की। वर्ष 2019 में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की थीम है ''सभी के लिए स्थाई पेंशन: सामाजिक भागीदारों की भूमिका"

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