कक्षा 11 अर्थशास्त्र त्रैमासिक पेपर सॉल्यूशन 2021|11th economics trimasik paper solution pdf MP Board

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कक्षा 11 अर्थशास्त्र त्रैमासिक पेपर सॉल्यूशन 2021|11th economics trimasik paper solution pdf MP Board

कक्षा 11 अर्थशास्त्र त्रैमासिक पेपर सॉल्यूशन 2021|11th economics trimasik paper solution pdf MP Board


नमस्कार दोस्तों आज की इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं कक्षा 11 वीं अर्थशास्त्र विषय का त्रैमासिक पेपर का सलूशन दोस्तों अगर आप पूरा सॉल्यूशन देखना चाहते हैं तो आप इस पोस्ट को ध्यानपूर्वक और पूरा पढ़ें।




                                                                  त्रैमासिक परीक्षा 2021-22

कक्षा- 11

विषय- अर्थशास्त्र



प्रश्न एक सही विकल्प चुनकर लिखिए -


1.अर्थशास्त्र के विभाग होते है -

अ. दो

ब. पाँच

स. चार

द. तीन


उत्तर. पाँच


2. अर्थशास्त्र का जनक कहा जाता है -

अ. मार्शल

ब. रॉबिंस

स. वाकर

 द.एडम स्मिथ


उत्तर एडम स्मिथ


3. आधुनिक भारतीय अर्थशास्त्र के जनक कौन कहे जाते हैं -

अ. दादा भाई नौरोजी

ब. डॉ राम मनोहर लोहिया

स. कौटिल्य

 द. एडम स्मिथ

उत्तर दादा भाई नौरोजी


4. जब आप वस्तुएं खरीदते हैं तो कहलाते हैं -

अ. उपभोक्ता

ब. उत्पादक

स. विक्रेता

 द. उपर्युक्त सभी


उत्तर उपभोक्ता


5. अर्थशास्त्र ज्ञान की वह शाखा है जिसका संबंध धन से। है यह कथन है -

अ. मार्शल का

ब. एडम स्मिथ का

स. एफ. ए वाकर का

 द.कोई नहीं


उत्तर एफ. ए वाकर का


6. सांख्यिकी के जनक के रूप में जाने जाते हैं-

अ. डॉक्टर एल् बाउले

ब. प्रोफेसर बोर्ड

स. गुड फ्राइडे चैन वालों

द. प्रोबेशन मार्शल


उत्तर गॉड फ्राइडे जनवाल



प्रश्न.07 उपभोक्ता किसे कहते हैं?

उत्तर मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किसी वस्तु या सेवा के ऐसे प्रयोग को उपभोग कहते हैं जिससे उपभोक्ता की प्रत्यक्ष या तात्कालिक तृप्ति हो तथा वस्तु या सेवा की पहले से उपयोगिता कम हो जाए।


प्रश्न.08 उन आवश्यकताओं का चुनाव आप कैसे करेंगे इनकी आपूर्ति करना चाहेंगे?

प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता असीमित होती है किंतु उसकी पूर्ति हेतु साधन सीमित होते हैं। अतः हमारी आवश्यकताओं की संतुष्टि की आवश्यकताओं की तीव्रता पर निर्भर करती है अर्थात आवश्यकताओं को उनकी तीव्रता के आधार पर चुनाव द्वारा संतुष्ट किया जाता है। 

जैसे- ककड़ी की अपेक्षा भोजन की आवश्यकता अधिक तीव्र होती हैं इसी प्रकार विलासिता की वस्तुओं की अपेक्षा आरामदायक वस्तुओं की आवश्यकता अधिक तीव्र होते हैं।


प्रश्न.09 अर्थशास्त्र क्या है?

अर्थशास्त्र वह अध्ययन है जो हमें यह बताता है कि व्यक्ति और समाज अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तथा समाज के विभिन्न व्यक्तियों का समूह में उपयोग हेतु वितरित करने के लिए इस बात का चुनाव कैसे करें कि वैकल्पिक प्रयोग वाले अल्प संसाधनों का नियोजन विभिन्न वस्तुओं के उत्पादन में कैसे हो।



प्रश्न.10 प्रोफेसर मार्शल की अर्थव्यवस्था की परिभाषा दीजिए।

उत्तर. प्रोफेसर मार्शल की अर्थशास्त्र की कल्याण संबंधी परिभाषा "अर्थशास्त्र मानव जीवन के सामान व्यवसाय का अध्ययन है। इसमें व्यक्तिगत तथा सामाजिक क्रियाओं के उस भाग की जांच की जाती है जिसका भौतिक सुख के साधनों की प्राप्ति और उपयोग से बड़ा ही घनिष्ट संबंध है।"



प्रश्न.11 अर्थशास्त्र की सीमाएं बताइए।

उत्तर अर्थशास्त्र की सीमाएं निम्नलिखित हैं 


1.सामाजिक वहां साधारण व्यक्तियों का अध्ययन- अर्थशास्त्र में सामाजिक व साधारण व्यक्तियों का ही अध्ययन किया जाता है असमान्य व्यक्तियों का अध्ययन नहीं।


2. आर्थिक क्रियाओं का अध्ययन- अर्थशास्त्र में केवल साधारण मनुष्यों की आर्थिक क्रियाओं का ही अध्ययन किया जाता है अन आर्थिक क्रियाओं का अर्थशास्त्र में अध्ययन नहीं किया जाता।


3. नियम - अर्थशास्त्र के नियम वैज्ञानिक नियमों की तरह सभी स्थान तथा सभी परिस्थितियों में मान्य नहीं होते।



प्रश्न.12 सांख्यिकी क्या करती है? संक्षेप में लिखिए।


उत्तर-1. सांख्यिकी एक ऐसी युक्ति है जिसकी मदद से अर्थशास्त्री आर्थिक समस्या को समझ सकता है।

2. सांख्यिकी की मदद से अर्थशास्त्री आर्थिक तथ्यों को संक्षिप्त एवं निश्चित रूप में दर्शा सकता है।

3. सांख्यिकी की मदद से आंकड़ों को बड़ी तादाद को संख्यात्मक रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है।

4. विभिन्न आर्थिक कारकों में संबंध स्थापित करने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।

5. आयोजन एवं नीतियों के निर्माण में सांख्यिकी मदद करती है।



प्रश्न.13 आप अर्थशास्त्र का अध्ययन क्यों करना चाहते हैं?

उत्तर अर्थशास्त्र का अध्ययन करने के निम्नलिखित कारण हैं -

1.अर्थशास्त्र के अंतर्गत हम विभिन्न आर्थिक समस्याओं का अध्ययन करते हैं।

2. अर्थशास्त्र में समस्याओं का विश्लेषण का समाधान करने की नीतियों का निर्माण करते हैं।

3. अर्थशास्त्र में समस्याओं का विश्लेषण का समाधान करने के लिए नीतियों का निर्माण करते हैं।

4. अर्थशास्त्री के अध्ययन से हमें यह भी जानकारी प्राप्त होती है कि एक उपभोक्ता किस प्रकार अधिकतम संतुष्टि को प्राप्त करता है।

5. अर्थशास्त्र की सहायता से हम अपने सीमित संसाधनों के द्वारा असीमित आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास करते हैं।


प्रश्न.14 प्राथमिक समको की कोई दो विशेषताएं लिखिए

उत्तर

1.प्राथमिक संमक मौलिक होते हैं एवं अनुसंधान कर्ता द्वारा स्वयं एकत्रित किए जाते हैं।

2. इनका उपयोग प्रथम बार किया जाता है।


प्रश्न द्वितीयक समंक की कोई दो विशेषताएं लिखिए।

उत्तर

1.द्वितीयक समंक अपनी उद्देश्य के अनुकूल हों यह आवश्यक नहीं उनमें पर आया संशोधन की आवश्यकता होती है तथा उन्हें अनुसंधान के अनुकूल बनाना पड़ता है।

2.द्वितीयक समंक सरलता से उपलब्ध हो जाते हैं।



प्रश्न.15 प्राथमिक एवं द्वितीयक समंक को में अंतर स्पष्ट कीजिए

उत्तर प्राथमिक एवं द्वितीयक समंक को में अंतर-


प्राथमिक समंक

द्वितीयक समंक

प्राथमिक समंक मालिक होते हैं अनुसंधानकर्ताओं ने स्वयं एकत्रित करता है।

द्वितीयक समंक मौलिक नहीं होते यह किसी व्यक्ति या संस्थान द्वारा पूर्व काल में ही एकत्रित किए जा चुके होते हैं।

प्राथमिक समं को के संकलन में धन समय परिश्रम व बुद्धि का अधिक प्रयोग करना पड़ता है।

द्वितीयक समंक के संकलन में समय श्रम की बचत होती है क्योंकि यह पहले से ही प्रकाशित रूप में होते हैं।

प्राथमिक संबंधों के प्रयोग में सावधानी की कम आवश्यकता होती है।

द्वितीयक समं को प्रयोग में सावधानी की बहुत आवश्यकता होती है





प्रश्न16. समंक किसे कहते हैं? समन की विशेषताएं लिखिए।

 समंक - विशेष गुणों से युक्त अंको को समन कहते हैं अर्थात के बल पर ही संख्यात्मक तथ्य समंक होते हैं जिनमें कुछ विशेष गुण होते हैं। बहुवचन के रूप में सांख्यिकी शब्द का प्रयोग संबंध में लिया जाता है।


विशेषताएं -

1.समंक किसी व्यक्ति या पदार्थ विशेष के बारे में नहीं होते बल्कि एक समूह के बारे में होते हैं।

2. सम अंको को केवल संख्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाता है

 जैसे एक व्यक्ति की औसत आय रु 20,000 है।

3. सम अंकों को गणना द्वारा एकत्र किया जाता है तथा सम अंकों के संग्रहण में उचित मात्रा की शुद्धता की अपेक्षा की जाती है।

4. यदि अंक अनुमानित है तो अनुमान लगाते समय समस्या साधनों तथा उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए शुद्धता का स्थान प्राप्त किया जाता है।








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