MP BOARD Exam 2020

MP BOARD Exam 2020 :  लॉक डाउन के खत्म होने के बाद 10 दिनों के अंदर होंगी परीक्षाएं, सेंटर पर सैनिटाइजर का रखा जाएगा विशेष ख्याल


भोपाल:देश में चल रही है लंबे समय से लॉक डाउन के चलते प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं नहीं हो पा रही है ऐसे ही मध्य प्रदेश में दोबारा से परीक्षाओं को शुरू करने की इंतजाम शुरू हो जाये इसकी तैयारी कर दी गई है की बोर्ड परीक्षा कब से किए जाएंगे। सीबीएससी में दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं का टाइम टेबल पहले ही घोषित कर दिया है। सभी लोगों के मन में है कि एमपी बोर्ड का नया टाइम टेबल कब तक आएगा ।लेकिन मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं से लेकर कोई भी ऐलान अभी तक नहीं हुआ है ऐसे में सभी स्टूडेंट परेशान है और लंबे समय से सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि‌,हमारी बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल घोषित किया जाए ।

सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाएगा।

कोरोनावायरस की वजह से क्या परीक्षाएं सोशल डिस्टेंसिंग में होगी।एमपी बोर्ड के सामने परीक्षा कराने के लिए क्या चुनौती होगी यह सबसे बड़ा सवाल है एमपी बोर्ड के लिए परीक्षाओं को किस प्रकार से कर आएगी।

सोशल डिस्टेंसिंग के साथ होंगी परीक्षा

एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की होने वाली परीक्षा में इस बार सबसे महत्वपूर्ण होगा सोशल डिस्टेंस।सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर छात्र-छात्राओं को बैठाने की व्यवस्था की जाएगी।अब तक एक क्लास में 20 स्टूडेंट परीक्षा के लिए बैठा करते थे वहीं अब बदली हुई हालातों में एक क्लास में 8 से 10 स्टूडेंट को बैठाकर परीक्षा दिल्ली जाने की तैयारी है।

ऐसे में बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्रों की संख्या में तीनों से 4 गुना बढ़ाने की तैयारी एमपी बोर्ड को करानी पड़ेगी ।

परीक्षा केंद्रों पर होगी छात्रों की स्क्रीनिंग

परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की स्क्रीनिंग की जाएगी स्क्रीनिंग कर छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्रों में एंट्री कराई जाएगी रिचार्ज केंद्र में पेपर देने से पहले छात्र छात्राओं को सैनिटाइजर कराने की व्यवस्था होगी स्टूडेंट सैनिटाइजर से स्टूडेंट के साथ हाथ साफ करेंगे ।

एग्जाम कराने में बोर्ड के सामने चुनौतियां

परीक्षा कराने को लेकर एमपी बोर्ड के सामने तीन बड़ी चुनौती दी है इन को ध्यान में रखकर परीक्षार्थी को परीक्षा में शामिल करना होगा। पहले एक सेंटर को तीन सेंटर में तोड़ना होगा।इन सभी परीक्षा केंद्रों को 1 किलोमीटर के दायरे में ही रखना होगा ताकि स्टूडेंट और अभिभावकों को परेशान ना होना पड़े।परीक्षा केंद्रों को तीन केंद्रों में बदलने से पहले स्टूडेंट को इसकी सूचना देनी होगी ताकि स्टूडेंट्स भटके ना ।
स्टूडेंट और स्टाफ को सेनीटाइज कराने की व्यवस्था करनी ताकि स्टूडेंट टीचर एक दूसरे के संक्रमण से पूरी तरह से मुक्त रहें।तीसरा सबसे बड़ी चुनौती है जो स्टूडेंट्स अपने माता-पिता के साथ माइग्रेट हुए हैं वह परीक्षा में कैसे शामिल होंगे।रीवा सतना सीधी शहडोल के माइग्रेट परिवारों के छात्र-छात्रा को परीक्षा कराने की व्यवस्था करानी होगी वह चुनौती चुनौती बोर्ड के सामने यह भी है कि स्क्रीनिंग के दौरान अगर किसी टेंपरेचर से ज्यादा होता है तो उसके बैठने की व्यवस्था में अचानक ऐसे बदलाव किया जाएगा।


लॉक डाउन खत्म होने के 10 दिन के भीतर होंगी स्थगित पेपर की परीक्षाएं

एमपी बोर्ड के सचिव अनिल सुचारू ने साफ किया है कि 10वीं और 12वीं के स्थगित पेपर की परीक्षाएं लॉक डाउन खत्म होने के 10 दिन के भीतर कराई जाएंगी। छात्र-छात्राओं को इंटरनल एससमेंट के आधार पर नंबर नहीं दिए जाएंगे। परीक्षा कराने को लेकर तैयारी पूरी है।लॉक डाउन  खत्म होने का इंतजार है जैसे ही लोग लॉक डाउन  होगा 10 दिन के भीतर परीक्षाएं आयोजित करा ली जाएंगी।

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