Natak aur ekanki mein antar

Natak aur ekanki mein antar 


Natak aur ekanki mein antar


नमस्कार दोस्तों यह पोस्ट आपके लिए बहुत ही रोचक होने वाली है इस पोस्ट में हम आपके लिए लाए हैं नाटक और एकांकी में अंतर बहुत ही आसान भाषा में आपको एक बार पढ़ने पर ही समझ आ जाएगा। Natak aur ekanki mein antar यह हर क्लास में पूछा जाने वाला बेहद महत्वपूर्ण प्रश्न है जो अक्सर परीक्षा में पूछा जाता रहा है इसलिए यह क्वेश्चन आप कर लीजिए। Natak aur ekanki mein antar को लिखने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा । इन सब बातों को हम इस पोस्ट के माध्यम से आप सभी को बताएंगे।

                      नाटक और एकांकी में अंतर

नाटक

*  नाटक में अनेक अंक होते हैं।

* इसमें पात्रों की संख्या अधिक होती है।

* नाटक में कथावस्तु की विकास प्रक्रिया की गति मंद होती है।

* नाटक में चरित्र का क्रमशः विकास दिखाया जाता है।

जयशंकर प्रसाद- चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, स्कंद गुप्त, अजातशत्रु

 जगदीश चंद्र माथुर-कोणार्क



एकांकी

👉 एकांकी में एक अंक होता है।

*इस पात्रों की संख्या सीमित होती है।

*एकांकी में कथानक पर आराम से ही चरम लक्ष्य की ओर द्रुतगति से बढ़ता है

*एकांकी में चरित तत्काल प्रगट हो जाता है।

रामकुमार वर्मा -दीपदान पृथ्वीराज की आंखें ।
जयशंकर प्रसाद- एक घूंट।



नाटक के प्रमुख तत्व 


कथावस्तु
पात्र एवं चरित्र चित्रण 
संवाद या कथापक थन 
भाषा-शैली
देशकाल एवं वातावरण
उद्देश्य
अभिनेयता

4 Comments

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